पाक की आर्थिक रिपोर्ट आते ही पीएम इमरान चुप, भारत के लिए ट्वीट कर की थी मदद की पेशकश

सार
एक ट्वीट करते हुए पीएम  इमरान खान ने भारत को मदद की पेशकश की थी
पाकिस्तान का ऋण जीडीपी के 88 फीसदी तक बढ़ा
आईएमएफ और विश्व बैंक  के अनुमान ने पीएम इमरान की बढ़ाई चिंता
विस्तार
लॉकडाउन के दौरान भारत में गरीब लोगों को हो रही समस्याओं की खबरें आने के बाद गुरुवार को एक ट्वीट करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मदद की पेशकश की थी। इस दौरान उन्हें अपने देश के आर्थिक हालातों का अंदाजा नहीं रहा। इमरान के ट्वीट के दो घंटे बाद ही वित्त और राजस्व मामलों के सलाहकार डॉ. अब्दुल हफीज शेख ने आर्थिक सर्वे जारी किया। आर्थिक सर्वेक्षण में अनुमान लगाया गया है कि पाकिस्तान का ऋण जीडीपी के 88 फीसदी तक बढ़ जाएगा और 68 वर्षों के इतिहास में पहली बार अर्थव्यवस्था में 0.4  फीसदी तक की कमी आएगी।

यह आर्थिक सर्वे तो फिर भी पाकिस्तान के लिए एक आशावादी तस्वीर बनाता है। आईएमएफ और विश्व बैंक ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को लेकर जो अनुमान लगाया है वह उसके लिए चिंता की बात है। दोनों ने अनुमान लगाया है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में 2.6 फीसदी तक की कमी आएगी। बता दें कि नवाज शरीफ के बाद सत्ता संभालने वाले इमरान ने नया पाकिस्तान का नारा दिया था। लेकिन जारी आर्थिक सर्वे ने नए पाकिस्तान की पोल खोल कर ऱख दी।
पाक में सेना की बढ़ती मजबूती और कमजोर होते इमरान
पाकिस्तान के बारे में जानकारी रखने वाले दिल्ली के एक विशेषज्ञ ने बताया कि इमरान खान अपने विरोधियों, वहां की सेना और कश्मीर के मामले पर सामंजस्य नहीं बना पा रहे हैं। इमरान खान की पकड़ देश में कमजोर होती जा रही है।

वहीं इमरान खान की एक और कमजोर शासन व्यवस्था तब सामने आई जब उन्होंने सेना के लॉकडाउन लगाने के फैसले का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि देश में लॉकडाउन लगाने से गरीबी बढ़ेगी और कईयों के रोजगार छिन जाएंगे। लेकिन सेना ने पीएम इमरान की एक न सुनी और लॉकडाउन लगाने के लिए देश में आर्मी उतार दी।

पीएम इमरान के ट्वीट पर भारत का करारा जवाब
पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को एक ट्वीट में अपने बड़बोलेपन का परिचय दिया। पाकिस्तानी समाचार वेबसाइट की एक खबर को टैग करते हुए उन्होंने दावा किया कि भारत आर्थिक तंगी से जूझ रहा है और वह भारत की मदद करने के लिए तैयार हैं। इमरान ने खबर को टैग करते हुए कहा, ‘इस समाचार के मुताबिक भारत में 34 फीसदी परिवार बिना किसी मदद के एक हफ्ते से ज्यादा नहीं रह पाएंगे।

मैं उनकी मदद के लिए तैयार हूं और अपने सफल कैश ट्रांसफर कार्यक्रम को उनसे साझा कर सकता हूं। इस कार्यक्रम की पहुंच और पारदर्शिता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना हुई है।’
भारत का जवाब, कहा-पाक की जीडीपी से ज्यादा बड़ा हमारा राहत पैकेज
पाकिस्तान के इस बड़बोलेपन पर भारत ने करारा जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय के अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि अच्छा होगा कि पाकिस्तान यह याद रखे कि उनकी जीडीपी का 90 फीसदी हिस्सा कर्ज से जूझ रहा है। जहां तक भारत का सवाल है तो उनकी जीडीपी से ज्यादा बड़ा तो कोरोनाकाल में घोषित हमारा आर्थिक राहत पैकेज ही है।

 

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