चंद्र ग्रहण के बारे में जानिए पंडित गिरीश शर्मा से….💐

जय श्रीराम
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चंद्र ग्रहण ——
26-05-21 दिन बुद्धबर , वैशाख शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को रहेगा ,गोचर में ब्रसचिक राशि ,अनुराधा नक्षत्र ,और शिवयोग गतिमान रहेगे

ये ग्रहण देश के पूर्वी भागो में ही दिखाई देगा वो भी चंद्र ग्रस्तोदय रूप में

चूंकि ग्रहण एक एकल समस्त भूमण्डलीय आकाशीय ग्रह गोचरीय घटना होती है सो समस्त प्राणी मात्र को ग्रहण नियम लागू रखना अति कल्याणकारी सिद्ध होता है

भारत के अतिरिक्त विश्व मे अनेक देशों में दिखाई देगा

ग्रहण प्रारम्भ —- शाम — 03:15
खग्रास प्रारम्भ — शाम –04:40
ग्रहण मध्य —– शाम –04:49
खग्रास विराम — शाम — 04:58
ग्रहण विराम —– शाम – 06:23
नॉट :—- चंद्र मलिन 14:16 से शुरू हो जायेगा
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ग्रहण सूतक —– इस ग्रहण का सूतक 9 घण्टे पूर्व अर्थात सुबह 06:15 से शुरू हो जाएगा
इस दिन की सामान्य पूजा ,पूर्णिमा स्न्नान 06:15 AM से पूर्व करना शुभ होगा

सूतक और ग्रहण में बर्जित कार्य :——
भगवान मूर्ति , धार्मिक पुस्तक स्पर्श करना , आवश्यक भोजन ,हास्य ,रुदन ,शयन , भाषण , गर्भवती महिलाओं का ग्रहण की सीधी किरणों के सामने आना
मैथुन , निद्रा ,तेलमर्दन, धारदार ,नोकदार वस्तु का प्रयोग ,
((((((((( लेकिन ))))))
ग्रहण काल मे स्न्नान करके पूजा ,हवन , दान करने पर , धार्मिक ग्रन्थो का, मंत्रो का ,श्लोकों का ,स्त्रोतों का पाठ करने पर सामान्य से 100 गुना अधिक पूण्य फल प्राप्त होता है
सूतक, ग्रहण के नियम बृद्ध बालक रोगी पर लागू नही होते है
ग्रहण विराम के वाद भी स्नान दान का अति महत्व होता है
******** राशिनुसार ग्रहण फल
मेख —
कार्यक्षेत्र ,सम्मान को शुभ , अन्य प्रकार से अचानक शुभ अशुभ न्यूज़ मिलना
व्रख—–दाम्पत्य जीवन , स्वास्थ्य ,व्यापार ,यात्रा को शुभ कम
मिथुन :—- रोग चोट शत्रु में बृद्धि ,धन ,परिवार की रक्षा करे
कर्क :—- धन ,आय को शुभ , संतान ,निर्णय शक्ति मामलो में चिंता ,प्रतिष्ठा,स्वास्थ्य में परिवर्तन
सिंह :—घरेलू समस्या बृद्धि लेकिन कार्यक्षेत्र को शुभ होगा
कन्या — साहस ,पराक्रम ,धन में बृद्धि ,परदेश से लाभ
तुला :—- धन परिवार की चिन्ता
बृश्चिक —–स्वस्थ्य चिंता
धनु ——–व्यय ,भागदौड़ ,चिंता में व्रद्धि
मकर —– धन लाभ सम्मान बृद्धि
कुम्भ :—- कार्यक्षेत्र ,स्वाथ्य की चिंता ,
मीम :—–निर्णय शक्ति ,संतान मामलो की चिंता
व्यय में बृद्धि
(((((((( अशुभ फल से बचने को ))))))))
ग्रहण काल मे इष्ट या गुरु मंत्र का मन से जप करे
या
ॐ नमः शिवाय मंत्र जप करे
या महा मृतुन्जय मंत्र जप करे
निशिचित रक्षा होगी
जय श्रीराम
Pt गिरीश शर्मा

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