गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय बदायूं की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में कार्यक्रम अधिकारी असि० प्रो० सरला देवी चक्रवर्ती के निर्देशन में व प्राचार्या डॉ०गार्गी बुलबुल के संरक्षण में स्वयंसेविकाओ ने हिंदी दिवस धूमधाम से मनाया गया।

गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय बदायूं की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में कार्यक्रम अधिकारी असि० प्रो० सरला देवी चक्रवर्ती के निर्देशन में व प्राचार्या डॉ०गार्गी बुलबुल के संरक्षण में स्वयंसेविकाओ ने हिंदी दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर स्वयंसेविकाओं ने स्लोगन, पोस्टर, गीत एवं कविता के माध्यम से दिया संदेश – हिंदी मेरा ईमान है हिंदी मेरी पहचान, हिंदी हूँ मैं वतन भी मेरा प्यारा हिंदुस्तान।
महाविद्यालय में कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डॉ गार्गी बुलबुल के करकमलों द्वारा माँ शारदे के समक्ष द्वीप प्रज्वलित कर किया गया।सभी को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए प्राचार्या जी ने बताया कि हिंदी हमारा मान सम्मान एवं संचार का माध्यम है इसी से हमारी पहचान जुड़ी है।हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ०ममता वर्मा ने बताया कि हिंदी हमारी सिर्फ मात्र भाषा ही नहीं हमारी संस्कृति व मानवता की पोषक भी है।कार्यक्रम अधिकारी असि० प्रो० सरला देवी चक्रवर्ती ने बताया कि हिन्दी को भारत की संविधान सभा नें 14 सितंबर 1949 को सर्वसम्मति से ‘राजभाषा’ का दर्जा प्रदान किया था। देश भर में हिंदी भाषा के प्रचार- प्रसार और संवर्धन को प्रोत्साहन देने के लिए 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। महात्मा गांधी जी ने इसे जनमानस की भाषा कहा, विश्व के 176 विश्वविद्यालय में इसका पठन पाठन किया जाता हैं और विश्व में अंग्रेजी चीनी के बाद तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है उसके बावजूद यह अपने ही देश में उपेक्षा का शिकार हो रही हैं अतः हमें संकल्पित होना होगा, यथा- राष्ट्र गान के माथे पर अंकित बिंदी हैं, इतिहास गवाह हैं मेरा भारत की भाषा हिन्दी हैं। समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।स्वयंसेविकाओं में कु०पलक वर्मा, संघमित्रा, मेघा पटेल, अर्चना भारती, आरती, अंजली आदि ने ऑन लाइन माध्यम सुंदर सुंदर स्लोगन पोस्टर बनाये गीत एवं कविता द्वारा मातृभाषा हिंदी को नमन् किया।

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