आइये मिलवाते है हम आपको एक पर्यावरण मित्र समाजसेवी शिक्षक मनोज कुमार से

अरिहन्त वृक्षारोपण समिति के तत्वधान में आज शिक्षक मनोज कुमार ने अपने 38 वें जन्म दिवस के मौके पर 38 पेडों का रोपण किया ।उन्होंने कहा कि वे किसी न किसी शुभ कार्य पर पौधारोपण अवश्य करते है और दूसरों को भी प्रेरित करते है एक *शिक्षक होने के नाते मनोज कुमार इन दिनों उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा व केन्द्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की यू-ट्यूब पर निः शुल्क क्लासेज लगाकर लोगों के जीवन को उज्ज्वल बनाने का कार्य कर रहे है उनका यू ट्यूब चैनल MK learning add नाम से फेमस है । उन्होंने बताया कि वो पर्यावरण के साथ साथ कई प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी ऑनलाइन निःशुल्क उपलब्ध करा रहे है*

अब बात करते है इनके विचारो की ✍🏻✍🏻

*जन्मदिन पर पौधारोपण कर शिक्षक मनोज कुमार ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश*

बिल्सी:-जिले भर में विगत कई वर्षों से वृक्षारोपण का कार्य करती आ रही जैन मंदिर पदमांचल दिधौनी द्वारा संचालित अरिहन्त वृक्षारोपण समिति के तत्वावधान में चल रहे “शुभ अवसरों पर लगाए पोधे अभियान” के तहत आज भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।यहां समिति संस्थापक प्रशान्त जैन ने बताया कि प्रत्येक मनुष्य को अपने किसी न किसी शुभ अवसर पर पौधारोपण जरूर करना चाहिए वाली उनकी बात से प्रभावित होकर लोग उनके सानिध्य में पौधारोपण करते आ रहे है। जिसके तहत आज *शिक्षक मनोज कुमार ने यहां पहुंचकर पौधारोपण किया* ।उन्होंने कहा कि वर्तमान परिपे्रक्ष्य में कई प्रजाति के जीव-जंतु, प्राकृतिक स्रोत एवं वनस्पति विलुप्त हो रहे हैं। विलुप्त होते जीव-जंतु और वनस्पति की रक्षा के लिये सभी को पौधारोपण करने की आवश्यकता है। आज चिन्तन का विषय न तो युद्ध है और न मानव अधिकार, न कोई विश्व की राजनैतिक घटना और न ही किसी देश की रक्षा का मामला है। चिन्तन एवं चिन्ता का एक ही मामला है लगातार विकराल एवं भीषण आकार ले रही गर्मी, सिकुड़ रहे जलस्रोत विनाश की ओर धकेली जा रही पृथ्वी एवं प्रकृति के विनाश के प्रयास। बढ़ती जनसंख्या, बढ़ता प्रदूषण, नष्ट होता पर्यावरण, दूषित गैसों से छिद्रित होती ओजोन की ढाल, प्रकृति एवं पर्यावरण का अत्यधिक दोहन- ये सब पृथ्वी एवं पृथ्वीवासियों के लिए सबसे बडे़ खतरे हैं और इन खतरों का अहसास करना ही विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस का ध्येय है। प्रतिवर्ष धरती का तापमान बढ़ रहा है। आबादी बढ़ रही है, जमीन छोटी पड़ रही है। हर चीज की उपलब्धता कम हो रही है। आक्सीजन की कमी हो रही है। साथ ही साथ हमारा सुविधावादी नजरिया एवं जीवनशैली पर्यावरण एवं प्रकृति के लिये एक गंभीर खतरा बन कर प्रस्तुत हो रहा हैं।जल, जंगल और जमीन इन तीन तत्वों से प्रकृति का निर्माण होता है। यदि यह तत्व न हों तो प्रकृति इन तीन तत्वों के बिना अधूरी है। विश्व में ज्यादातर समृद्ध देश वही माने जाते हैं जहां इन तीनों तत्वों का बाहुल्य है। बात अगर इन मूलभूत तत्व या संसाधनों की उपलब्धता तक सीमित नहीं है। आधुनिकीकरण के इस दौर में जब इन संसाधनों का अंधाधुन्ध दोहन हो रहा है तो ये तत्व भी खतरे में पड़ गए हैं।

इस मौके पर समिति के संस्थापक प्रशान्त जैन ,जिला उपाध्यक्ष अक्षय दीक्षित,नगराध्यक्ष मोहित शर्मा उर्फ गुरु,नगर उपाध्यक्ष अमन दीप उपाध्याय एवं वरुण शर्मा, सचिव देवेश वार्ष्णेय,मंत्री अनुज शर्मा,सहायक मीडिया प्रभारी प्रतीक शर्मा मौजूद रहे

*सभी से अपील ,अपना जन्मदिन केक काटकर नही ,पेड़ लगाकर ही मनाएं*

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: कॉपीराइट अधिनियम के अनुसार इस न्यूज़ पोर्टल का कंटेंट कॉपी करना गैरकानूनी है