हमने अलख जगाना है- बकरी से कोरोना भगाना है राजन बाबा

अलख निरंजन का आदेश
जनपद में खेलकूद की रोशनी बिखेरने और गंगा स्वच्छता अभियान में अपनी सक्रियता को लेकर छाने वाले उझानी के समाजसेवी राजन मेंदीरत्ता ने कोरोना से मुक्ति दिलाने के लिए प्रदेश सरकार को योजना बनाकर प्रदेश सरकार से योजना का परीक्षण कराने हेतु मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी को पत्र लिखा है। श्री मेहदीरत्ता के अनुसार कोरोना को निष्क्रिय बनाने के लिए वह अपनी उन सात बकरियों के दूध का परीक्षण कराना चाहते हैं जिनको वह सातों बकरियों को गंगा जल पिलाने और गिलोय के पत्ते खिलाएगें जबकि इसके साथ अलग अलग बकरी को अलग – अलग चारा खिला रहे हैं। इनमें से एक बकरी को गूलर, दूसरी को पीपल, तीसरी को बर, चौथी को पाकड, पांचवी को आम, छटी को नीम औरा सातवीं बकरी को अककुआ के पत्ते का चारा दिया जा रहा है। श्री मेहदीरता के अनुसार इन बकरियों द्वारा दिए जाने वाला दूध कोरोना का संक्रमण समाप्त करने में अहम भूमिका निभाएगा परंतु वह पहले इन बकरियों के दूध का परीक्षण कराना चाहते हैं और सरकार द्वारा दूध परीक्षण की स्वीकृति दिए जाने वाले वह परीक्षण केंद्र पर सात दिन तक पूरी तरह निषुल्क पहुचाने का दायित्व निभाएगें।
अपनी कार्यशैली और जुझारूपन के चलते बाबा मस्त राम राजन विकट नटवर लाल के नाम से लोकप्रिय राजन मेंहदीरत्ता का यह 7 जी great- god- giver- ganga- gren- giloy- goad फार्मूला कितना कामयाब होगा यह तो परीक्षण के बाद पता चलेगा परंतु लोगों का मानना है कि गिलोय के पत्ते और बकरी का दूध कोरोना को भगाने में रामबाण का काम कर सकता है।

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