पाकिस्तान में बुद्ध की मूर्ति ध्वस्त किये जाने पर बौद्ध अनुयायियों ने बदायूं में फूंका पुतला-वीडियो भी देखें

भदरौलिया बदायूं- पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत, मर्दान जिला के तख्तबई तहसील (प्राचीन गंधार) में गत दिनों नींव की खुदाई में भगवान बुद्ध की गंधार शैली की बनी लगभग 25 फीट की अभय मुद्रा में ब्लैक स्टोन की बेशकीमती मूर्ति मिली थी। जिसे पाकिस्तान के आतातायियों ने हथौड़े के प्रहार से ध्वस्त कर दिया था! जिससे भारत समेत दुनियां भर में पाकिस्तान की कड़ी निन्दा और का भर्तस्ना हुई! सूचना मिलने पर पख्तूनख्वा प्रांत के पुरातत्व विभाग के निदेशक अब्दुल समद खान ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की! भारत में भी विरोध प्रर्दशन जारी है! इसी क्रम में आज संघमित्रा चैरिटेबल ट्रस्ट के नेतृत्व में पुतला फूंका गया, तत्पश्चात विरोध प्रर्दशन को संबोधित करते हुए संघमित्रा चैरीटेवल ट्रस्ट के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश चन्द्र मौर्य ने कहा कि दुनियां को शांति और अहिंसा का संदेश देने वाले महाकारुणिक भगवान बुद्ध की प्रतिमा तोड़ना पाकिस्तान के आतंकवादी मानसिकता को दर्शाता है। इस कुकृत्य से विश्व भर के बौद्ध अनुयायियों की आस्था को चोट पहुंची है। ऐसा कुकृत्य कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। याद है न ! अफगानिस्तान ने बामियान में जब विश्व की सबसे ऊंची बुद्ध की प्रतिमा विस्फोट करके तोड़ा था, 20 दिन के अंदर ही अमेरिका ने अफगानिस्तान को बंजर और रेगिस्तान बना दिया था। तब अफगानिस्तान को स्वीकारना पड़ा कि हमारे देश पर बुद्ध का श्राप लगा है, हमारा देश बर्बाद हो गया। इस पर क्षमा मांगते हुए पुनः उसी स्थल पर उतनी ही ऊंची भगवान बुद्ध की प्रतिमा बनाना पड़ा, तब कहीं जाकर शांति मिली। वहीं राह अब पाकिस्तान पकड़ लिया है, जिसका समूल नाश होना सुनिश्चित है। रूपेश शाक्य ने आगे कहा कि पाकिस्तान की इमरान सरकार से आग्रह है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें और उस स्थल को पुरातत्व के संरक्षण में देकर वहां पुनः बुद्ध विहार बनवाएं ताकि विश्व में भाईचारा और शांति कायम रहे। साथ ही भारत सरकार और माननीय मोदी जी से विनम्र निवेदन है कि पाकिस्तान की भारतीय संस्कृति पर लगातार हो रहे हमले को संज्ञान में लेकर मुंहतोड़ जवाब देने की पहल करें, ताकि हमारे भारतीय संस्कृति पर विदेशी आक्रांताओं की आंख उठाकर देखने की हिम्मत ना हो सके। नेत्रपाल सिंह कुशवाहा ने कहा कि जिन महामानव बुद्ध ने समस्त मानव जाति के दुखों के निवारण की खोज में अपने शरीर को तपाकर जर्जर कर दिया और दुनियां को सुखमय जीवन जीने का तरीका बताया उनके ऊपर हथौड़े का प्रहार करके भारतीयों के जमीर को ललकारा है, जिसे भारत बर्दाश्त नहीं करेगा। इसमें मुख्य रूप से मुकेश चन्द्र मौर्य, रूपेश शाक्य, नेत्रपाल कुशवाहा, अर्पित शाक्य, रिंकू मौर्य, गुड्डू शाक्य, रूपेश शाक्य, चक्रेश मौर्य आकाश मौर्य ,अनिल शाक्य, सूरजपाल राजपूत, सूर्यवीर , राघवेंद्र सिंह , ओमेंद्र सिंह सुरेश बाबू आदि लोग मौजूद रहे।

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